स्वयंसेवा
कार्यक्रम, व्यवस्थापन या अपने कौशल के अनुसार सहयोग की रुचि बताएँ।
आर्ष विद्याकुलम्सा विद्या या विमुक्तयेसहभागिता
शिक्षण, शोध, स्वयंसेवा और संस्थागत सहयोग—योगदान के अनेक रास्ते हैं।
कार्यक्रम, व्यवस्थापन या अपने कौशल के अनुसार सहयोग की रुचि बताएँ।
अपने विषय, अनुभव और उपलब्धता के साथ शिक्षा के संवाद में जुड़ें।
अपने विद्यालय, संस्था या समुदाय के साथ संभावित सहयोग पर बात करें।
अपना अनुभव और उपलब्ध समय साझा करें। यह रुचि-अनुरोध है; किसी भूमिका की नियुक्ति नहीं।
आर्थिक सहयोग के लिए