प्रयास का आरंभ
भारतीय शिक्षा-दृष्टि के लिए सामूहिक पहल।
आर्ष विद्याकुलम्सा विद्या या विमुक्तयेआर्ष विद्याकुलम् का परिचय
2021 से आरंभ एक शैक्षिक प्रयास—भारतीय ज्ञान, संस्कार और जीवन-शिक्षा को व्यक्ति, समाज और विश्व के कल्याण से जोड़ने की दिशा।
हमारा उद्देश्य
आर्ष विद्याकुलम् की दृष्टि में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार की तैयारी नहीं है। शिक्षा व्यक्ति को समझ, विवेक, नागरिक उत्तरदायित्व और कार्य-कुशलता दे, ताकि उसका ज्ञान स्वयं और समाज के लिए उपयोगी बने।
पुस्तिका भारत और विश्व के बीच संवाद, प्राचीन ऋषि-परंपरा का गंभीर अध्ययन, गुरुकुल सिद्धांतों की पुनर्स्थापना और स्वदेशी शिक्षा नीति पर शोध को संस्था की कार्य-दिशा के रूप में रखती है।

संस्थागत पुस्तिका के अनुसार
भारतीय शिक्षा-दृष्टि के लिए सामूहिक पहल।
पुस्तिका में उल्लिखित संगठनात्मक सहभागिता।
एक पूर्णतः कार्यरत; दूसरा निर्माणाधीन।
कवर पर भारत के 25+ राज्यों और विदेशों तक संवाद का उल्लेख अलग से है। संवाद की पहुँच, कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और विद्यालयों की संख्या अलग माप हैं।
विचार के अनेक माध्यम
आचार्य के सान्निध्य में अध्ययन, स्वाध्याय, मनन और अभ्यास। विद्या को चरित्र, नागरिक समझ और जीवन के उत्तरदायित्व से जोड़ने की परंपरा।
02परिवार के साथ रहते हुए गुरुकुल की शिक्षा-दृष्टि का अनुभव। संस्कृत, गणित, विज्ञान, भाषाएँ और साहित्य—संस्कार व जीवन-शिक्षा के साथ।
03ज्ञान केवल सीखा न जाए—उसे समझा, परखा, साधा और जिया जाए। प्राचीन चिंतन और आधुनिक अध्ययन-पद्धति का सुलभ डिजिटल संगम।
04कथा, गतिविधि, संवाद और प्रश्नों से भारतीय ज्ञान एवं जीवन-शिक्षा की शुरुआत। शास्त्रकुलम् के बाल-अध्ययन पायलट की सीख।
05भारतीय ज्ञान, संस्कृति और जीवन-मूल्यों को डिजिटल सामग्री, पुस्तकों और शिक्षण-संसाधनों में रूपांतरित करने का प्रयास।
06विद्या, संस्कार और जीवन-मूल्यों को परिवारों तथा समुदायों तक पहुँचाने के लिए संवाद और अनुभव के कार्यक्रम।
07भारतीयता के साथ विश्वकल्याण की भावना से प्रेरित शिक्षा। विद्या, नागरिक समझ और कार्य-कुशलता को साथ लाने की अध्ययन-दिशा।

आचार्य परिचय
भारतीय ज्ञान एवं जीवन-शिक्षा के संवाद से जुड़ा परिचय, नई संस्थागत पुस्तिका में प्रस्तुत। शास्त्रकुलम् पर उनके अध्ययन और मार्गदर्शन का विस्तृत परिचय देखें।
विस्तृत परिचयसाथ मिलकर
अपना समय, ज्ञान या सहयोग शिक्षा के इस प्रयास से जोड़ें।