हमें कैसी शिक्षा चाहिए?
पुस्तिका ऐसी शिक्षा की आवश्यकता रखती है जो केवल अपने प्रति नहीं, समाज और पूरे विश्व के प्रति उत्तरदायित्व विकसित करे। जिसमें जाति या संप्रदाय का भेद न हो और धन अथवा स्तर के आधार पर ज्ञान का अवसर सीमित न हो।
आर्ष विद्याकुलम्सा विद्या या विमुक्तयेशिक्षा के उद्देश्य पर पुनर्विचार
भारतीयता के साथ विश्वकल्याण की भावना से प्रेरित शिक्षा। विद्या, नागरिक समझ और कार्य-कुशलता को साथ लाने की अध्ययन-दिशा।
पुस्तिका ऐसी शिक्षा की आवश्यकता रखती है जो केवल अपने प्रति नहीं, समाज और पूरे विश्व के प्रति उत्तरदायित्व विकसित करे। जिसमें जाति या संप्रदाय का भेद न हो और धन अथवा स्तर के आधार पर ज्ञान का अवसर सीमित न हो।
प्राचीन भारतीय शिक्षा-पद्धति, औपनिवेशिक काल में आए बदलाव और वर्तमान शिक्षा की प्राथमिकताओं पर पुस्तिका अपना दृष्टिकोण रखती है। इन प्रश्नों को स्रोत, तर्क और आज के अनुभव के साथ समझना शोध का आधार है।
अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षाविदों के साथ शिक्षा के उद्देश्य, स्वतंत्र चिंतन और गुरुकुल सिद्धांतों के वर्तमान प्रयोग पर सार्वजनिक संवाद। शिक्षा संवाद 3.0 इसी क्रम का आगामी आयोजन है।
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