अर्ध-गुरुकुल क्या है?
उपनिषद विद्यालय दिवसीय शिक्षा का प्रस्तावित स्वरूप है। विद्यार्थी दिन में गुरुकुल की पद्धति से अध्ययन करते हैं और परिवार से जुड़े रहते हैं। उद्देश्य आधुनिक विषयों और भारतीय शिक्षा-दृष्टि को एक सुसंगत अनुभव में लाना है।
आर्ष विद्याकुलम्सा विद्या या विमुक्तयेदिवसीय अर्ध-गुरुकुल
परिवार के साथ रहते हुए गुरुकुल की शिक्षा-दृष्टि का अनुभव। संस्कृत, गणित, विज्ञान, भाषाएँ और साहित्य—संस्कार व जीवन-शिक्षा के साथ।
उपनिषद विद्यालय दिवसीय शिक्षा का प्रस्तावित स्वरूप है। विद्यार्थी दिन में गुरुकुल की पद्धति से अध्ययन करते हैं और परिवार से जुड़े रहते हैं। उद्देश्य आधुनिक विषयों और भारतीय शिक्षा-दृष्टि को एक सुसंगत अनुभव में लाना है।
पुस्तिका में संस्कृत के साथ गणित, विज्ञान, देशी और विदेशी भाषाओं, साहित्य तथा अन्य विषयों में गुणवत्ता की बात है। अध्ययन में जीवन-मूल्य, नागरिक उत्तरदायित्व और व्यावहारिक क्षमता भी साथ चलेंगे।
प्रथम चरण का प्रस्ताव देश में 100 उपनिषद विद्यालय स्थापित करना है। यह विस्तार का लक्ष्य है। इसे वर्तमान में संचालित विद्यालयों की संख्या के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाता।
दीर्घकालिक दृष्टि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तक उपनिषद विद्यालय पहुँचाने की है। साथ ही विद्यालयों में IKS Integrated programmes के माध्यम से भारतीय ज्ञान को जोड़ने, संस्कार शालाओं और शिविरों से व्यापक पहुँच बनाने का विचार है।
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